ये जिन्दगी है साहब इसे भी समछ्ना पड़ता है

ये जिन्दगी है साहब इसे भी समछ्ना पड़ता है

अच्छी किताब और अच्छे लोग तुरंत समछ नही आते

उन्हें भी पढ़ना पड़ता है


और रास्ता मुश्किल हो

और उसे आसान करना हो

तो उस रास्ते पे चलना पड़ता है


मंज़िले आसान नही है

इसलिए दिल में जो ख्वाब है

उन्हें सजोना पड़ता है


सक्सेस के इस रास्ते में कभी कभी

आग को भी सहना पड़ता है


ख्वाइसे अगर दिल में ऊँचा उड़ने की है

तो कमर कस लीजिये साहब

ये ज़िन्दगी है गिरने के बाद भी उठ कर चलना पड़ता है


वक़्त है साहब इसे भी समछना पड़ता है

लोगों की बात को दिल से मत लगाना ,


क्योंकि वक़्त से साथ लोगो की सोच को बदलना पड़ता है


दुनिया में आये हो तो

दुनिया के लिए भी करना पड़ता है


हर दिन जिस रास्ते से डर लगता है

उस रास्ते से भी गुजरना पड़ता है


मुश्किले सब को तय करना है

इसलिए मुस्किलो से लड़ना पड़ता है


जिंदगी की राह में अगर डूब रहे है

तो उसे भी तैर कर पार करना पड़ता है

अनजान शहर हो तो

दुसमन को भी दोस्त बनाना पड़ता है


जब हम बाहर रहते है

और माँ की याद आ जाय तो

दो आसू बहाकर

दिल को सम्छाना पड़ता है


ये जिन्दगी है साहब

इसे भी समछ्ना पड़ता है


अंत में बस एक बात कहूँगा


जिन्दगी के इस सफ़र में

अगर कोई साथी मिल जाए

तो उसका साथ दिल से निभाना पड़ता है


रिश्ते में अगर थोड़ी सी तकरार हो जाय

तो उसे प्यार से सुल्छाना पड़ता है


कभी अकेले चलना पड़े तो

दिल में हिम्मत रख कर

जिन्दगी की इस नाव को भी किनारा दिलना पड़ता है


ये जिन्दगी है साहब इसे भी समछ्ना पड़ता है

ये जिन्दगी है साहब इसे भी समछ्ना पड़ता है



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