मेरी डायरी का कुछ पन्ना

मेरी डायरी का कुछ पन्ना

दोस्तों मेरी प्यार की डायरी का पहला पन्ना जो आप सभी के साथ शेयर कर हा हु
जिसको हर कोई अपने पहले प्यार को महसूस  कर सकता है

आपने भी कही न कही  सुना होगा  जब प्यार की हवा बहती है  तो मानो आने वाली आधी भी अपना रुख बदल देती  है
और कुछ इस तरह सुरु होती है हमारी प्यार की स्टोरी  मेरी बड़ी बहन की  की सादी थी  मै भी बहोत खुस था मई का महिना था और मैं भी   इलाहबाद से अपने घर पहुच गया था

शादी की तैयारी चल रही थी  सब से मिलने के बाद दीदी से मिला और पूछा कौन  कौन आ रहा है उन्होंने बड़े प्यार से  सब के नाम बताया पर उसमे से एक  नाम बहोत खास था

जो मैंने भी  फर्स्ट टाइम सुना था ,नाम इतना प्यारा था इतना तेजी से उनके बारे में सोच रहा था  किया मानो सालो से जानता हु  ,अब आप सभी को  नाम जानने में बहोत इंटरेस्ट हो रहा होगा  कोई नही नाम भी उनका बहोत प्यारा था सुभी और मैंने भी

इतना प्यारा नाम मानो एसा लग रहा  मानो पहली बार सुना हु  फिर दिन गिनते गिनते  वो दिन भी आ गया

सभी  आ रहे थे हमें तो बस उनके आने का इंतज़ार था  मुछे आज भी याद है वो शाम   जब  वो  अपने  मामा के साथ आई थी  और  जो  उनके मामा मेरे बहोत खास  थे |

जब उनको  गाडी से उनको उतरते देखा  जिनकी लम्बाई 5’3  और लम्बे काले बालो को अपने चहरे से अपनी जुल्फे  हटा रही थी  जब उनका चेहरा मैंने देखा तो   कमाल की  की लग रही थी  उस टाइम एसा लग रहा था मानो प्यार ही हो गया हो

पर वो  पर वो मुछसे उम्र में  बड़ी थी मुछे एसा लगा की  अपना कुछ नही हो सकता
और मै फिर  सामन गाडी से  उतार कर दीदी  के घर में  रख ही रहा था  तभी उनकी प्यारी  सी आवाज सुना  और इस बार एसा लगा की बस अब कुछ और नही

बस दिल तो ये चाह  रहा था की इनके साथ  बैठ के बहोत बातें करू  पर एसा कहा  होता
जैसे की हर शादी  में होता है  पापा मेरे बुला रहे थे काम करने के  लिए  मै भी अपने काम में ब्यस्त  हो गया

पर दिल में एक ही बात चल रहा था की कब बात हो उनसे  एसे ही पहला दिन बीत गया
दूसरा दिन भी काम करते निकल गया शाम हो गया था सब बैठ के मस्ती  कर रहे थे

तभी पता चला की  बगल में कुछ घटना घट गयी थी और वो डर गयी थी  सभी बहोत परेसान थे

वो भी दिन इसे निकल गया अगली सुबह  आज शादी  थी मै भी कोई चांस नही छोड़ने वाला
था आज उनको एहसास करना था की वो मेरे लिए कितनी इम्पोर्टेन्ट है  और सायद उनकी भी निगाहे कुछ एसा ही इनतजार कर रही थी

और ये यकीन दिलाने में  कही न कही मै भी  कामयाब  भी  हो गया था जब भी मै उनको  मस्ती  करता  देखता था उस वक़्त  एसा लगता क्या बनाया है भगवान ने

 हर जगह पे पूरी शादी में निगाहे उनको ही धुड रही थी  और तलाश ख़तम ही नही हो रही थी

तब मैंने उनको सा स्टेज पे साडी में देखा  उस टाइम एसा लगा मानो मेरी ही शादी  हो

 पर एसा कुछ भी नही  था  और मै शादी  में काम कर के बहोत थक गया था  और मुछे चक्कर आ रहा था और  मै छत पे जाके आराम करने लगा मैंने अपने मम्मी  से कहा मेरे सर दबा दे
और मम्मी  के  दबाने के बाद मै सो गया

मुछे  क्या पता था की जब मै उठूँगा तो मेरे पास वो बैठी  मिलेंगी  और  मेरा सर दबा रही होंगी  ये तो कभी सोचा भी नही  था पर कोई नही एसा हुआ   दोस्तों शादी  बीत गयी थी और जब मै उठा तो सुबह के 4:०० बज गये थे और मै भी अपने काम में ब्यस्त  हो गया

सब तैयारिया होने लगी और सब अपने काम में लगे गये और  दोपहर हो गया सभी आम को छिल  कर खा रहे थे गर्मी भी  थी मै भी भी कुछ रसना  बचा  था वो बना के सब को पिला रहा था

 तभी उनको भी दिया  जिसमे सक्कर कम था वो बहोत हसने लगी  मुछे भी अच्छा लगा रहा था हसी मजाक करते शाम  हो गयी  और वो मेरी सिस्टर के साथ रोड पे चले गये थे  मुछे लगा की वो चले गये  मै भी  पूरा अपसेट हो गया था

पर जबी उनकी आवाज सुना मानो खुसी का ठिकाना नही था  फिर ये डिसाइड कर लिया था  जितने दिन भी रहेंगी  खूब बातें   करना है

और वहीं  किया बहोत सारी  स्टोरी  और बहोत  सारी  बातें किया  पर अपने और अपने प्यार के लिए एक  बात भी नही  किया उनसे
पर एहसास  हो गया था की  अब  और  कुछ  नही कहना है दोस्तों प्यार का  एक अपना ही मजा होता है

और इतने दिनों में उनके साथ इतनी यादें बना लिया था की उनको याद  करने के लिए बहोत  कुछ था  अब और कुछ  पाने की चाहत  नही था बस ये रिश्ता चलता रहे  यही सोचा  था

और इसी बिच वो टाइम भी आ गया जो मेरे लिए कुछ खास नही था क्योकि मुछे अपने एग्जाम के लिए इलाहाबाद जाना था  और मुछे बहोत  बुरा लगा रहा था

 बुरा इस बात का नही लग रहा था की मुछे जाना है  बुरा इस बात का लग रहा था की
वो  जिनसे मै प्यार  करने लगा था वो अभी मेरे घर पे है और मुछे जाना है

पर कोइ नही मै भी कुछ अलग हु जाना है तो जाना है मै भी अपना बैग पैक किया और निकल गया  बिना कुछ बताये

और मै इलाहाबाद पहुछ गया और अपना एग्जाम  ख़तम किया और अपनी लाइफ में बिजी हो गया उनके भाई साहब मेरी बात होती थी और उनका भी हाल चाल मिल जाता था

अब   मुछे नही पता था की अब कभी मिलना होगा की नही है  कुछ नही पता था  ये सब सोच के मै भी अपनी लाइफ में बिजी हो गया.

आप सोच रहे होंगे की मोबाइल नंबर ले लेना चाहिए था उस समय मेरे पास मोबाइल नही था  मेरे भाई साहब के पास मोबाइल था  कही भी  बात करनी होती थी तो उसी से करते थे  और उनके पास भी मोबाइल नही था ,

टाइम निकल रहा था और देखते  देखते   4 महीने के बाद   रात  10 बजे भाई साहब के मोबाइल पे  एक काल आता है  मुछे नही पता था की वो कॉल मेरे लिए था  जब मैंने आवाज सुना तो  इतनी खुसी  की क्या बताऊ और लाइफ का एक नयी सुबह होने वाली थी और लाइफ में एक ट्विस्ट आने वाला था

 आगे  स्टोरी  सुनने के लिए कमेंट में बताये की मेरी स्टोरी के कुछ पन्ने  कैसे लगे    जरुर बताईये गा  जिससे आगे मई और भी पन्ने आप से शेयर कर पाऊ
                                       

                                      “its not a story it’s true love story”

Shailesh Robin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *